📢 आज की ट्रेंडिंग खबरें - जनता की नजर से
बेरोजगारी ने छीना सपना
शिक्षित युवा सड़कों पर
देश के लाखों युवा डिग्रियाँ लेकर तैयार हैं लेकिन नौकरियाँ नहीं मिल रहीं। पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
सरकार का दावा अलग
सरकार रोजगार बढ़ने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। युवा पूछ रहे हैं – "हमसे वादा क्यों टूटा?"
महंगाई से टूटी कमर
थाली से दाल गायब
सब्ज़ी, आटा, गैस सिलेंडर और फल सभी महंगे हो गए हैं। आम आदमी की थाली अब अधूरी है।
सुनवाई नहीं हो रही
जनता सवाल कर रही है लेकिन जवाब के बदले चुप्पी और बहाने मिल रहे हैं। क्या महंगाई पर कोई अंकुश लगेगा?
धर्म की राजनीति गरमाई
फिर मंदिर-मस्जिद का मुद्दा
चुनाव आते ही मंदिर-मस्जिद का विवाद गर्मा जाता है। असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
रोज़गार गायब, बहस जारी
जहाँ जनता को नौकरी, शिक्षा और सुरक्षा चाहिए, वहीं नेता धर्म की बहस में व्यस्त हैं।
AI से बढ़ा खतरा?
रोज़गार पर छाया साया
AI और मशीनें इंसानों की जगह ले रही हैं। इससे नई बेरोजगारी की लहर का डर है।
शिक्षा पीछे, तकनीक आगे
हमारे कॉलेज और कोर्स अभी भी पुराने ढर्रे पर हैं। भविष्य की तैयारी अभी बाकी है।
सवाल पूछो तो देशद्रोह?
लोकतंत्र पर संकट
सरकार से सवाल पूछना अब खतरनाक बनता जा रहा है। आलोचक को 'देशद्रोही' कहा जा रहा है।
डर का माहौल
यदि आम जनता डरकर चुप हो गई, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ जाएगा। बोलना अब ज़रूरी है।



