
देशभर में आज से शिक्षकों के लिए नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अंतर्गत एक विशेष प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की गई है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई नीति की मूल भावना, इसके उद्देश्यों और व्यवहारिक क्रियान्वयन की बारीकियों से अवगत कराने हेतु आयोजित किया जा रहा है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के संयुक्त प्रयास से यह ट्रेनिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चल रही है।
प्रशिक्षण का मुख्य फोकस छात्रों की रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, और व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना है। इसमें खासतौर पर "फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरसी", मातृभाषा में शिक्षण, मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण, और कौशल-आधारित शिक्षा पर ज़ोर दिया जा रहा है। शिक्षकों को यह सिखाया जा रहा है कि वे बच्चों में "सीखने की जिज्ञासा" कैसे जगाएं और पारंपरिक रटने की प्रक्रिया से हटकर उन्हें सोचने और समझने की ओर प्रेरित करें।
देश के सभी राज्यों में यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा विभागों के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में भाग ले रहे शिक्षकों का कहना है कि यह पहल स्वागतयोग्य है और इससे शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक परिवर्तन आएगा। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक भारत में प्रत्येक बच्चा पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित करने में दक्ष हो।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है जहां सभी मॉड्यूल, वीडियो लेक्चर और अभ्यास प्रश्न उपलब्ध कराए गए हैं। इससे शिक्षकों को अपनी गति से सीखने और समझने का अवसर मिलेगा। यह पहल शिक्षा जगत में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।