मलखान सिंह भदौरिया: संघर्ष, सेवा और नेतृत्व की जीवंत मिसालपरिचय

मलखान सिंह भदौरिया: संघर्ष, सेवा और नेतृत्व की जीवंत मिसाल
परिचय
मलखान सिंह भदौरिया, भिंड जिले के डोंगरपुरा गांव के मूल निवासी हैं। वे कांग्रेस के समर्पित नेता, समाजसेवी और किसान हितैषी व्यक्तित्व हैं। उनका जीवन साहस, संघर्ष और नेतृत्व का उदाहरण है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
जन्म: 15 अप्रैल 1979, डोंगरपुरा, थाना बरोही, जिला भिंड। पिता श्री लालजी सिंह भदौरिया पूर्व पार्षद रहे।

पत्नी: सरिता भदौरिया
संतान: पुत्र - सुमित भदौरिया, पुत्री - निधि भदौरिया

भाई:
- राकेश सिंह (पूर्व सैनिक)
- मनोज सिंह
- मुकेश सिंह
- उमेश उर्फ पटेल (एडवोकेट)
- श्यामू भदौरिया (श्री मैक्स हॉस्पिटल, ग्वालियर के निदेशक)
राजनीतिक यात्रा
- मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष
- जिला युवक कांग्रेस, भिंड के उपाध्यक्ष
- नेता प्रतिपक्ष स्व. सत्यदेव कटारे के प्रतिनिधि
- 2016 में 'कांग्रेस सेवा संगठन' में भिंड-दतिया लोकसभा के समन्वयक

इन्होंने हमेशा किसानों, युवाओं और आम जनता की आवाज बुलंद की।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
2008 में चिम्मन सिंह भदौरिया के परिवार से खूनी संघर्ष के बाद मलखान सिंह का परिवार गांव छोड़कर भिंड शहर (सीता नगर, वीरेंद्र नगर) में रहने लगा।

संघर्ष में कई लोग घायल हुए और कुछ की मृत्यु हुई:
- राकेश सिंह, जय सिंह, चिम्मन सिंह घायल हुए
- डब्बू सिंह और भगवान सिंह मारे गए
- पहले ठाकुर अखय सिंह की हत्या भी हो चुकी थी

2017 में जेल में सुलह का प्रयास हुआ परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप से सफल न हो सका।
वर्तमान स्थिति और विरासत
परिवार की 300 बीघा ज़मीन आज भी डोंगरपुरा में रंजिश के कारण बंजर है।

निर्देशक तिग्मांशु धूलिया इस संघर्ष पर फिल्म बनाना चाहते थे, परन्तु एक पक्ष की असहमति के कारण योजना स्थगित हो गई।
निष्कर्ष
मलखान सिंह का जीवन जनसेवा, संघर्ष और नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी समाज के लिए कार्य किया और युवाओं के लिए प्रेरणा बने।

Malkhan Singh Bhadoriya | मलखान सिंह भदौरिया

l राजनैतिक जीवन- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के लोकप्रिय नेता व मेरे पसंदीदा नेता श्रीज्योतिरादित्य सिंधिया जी है जिनसे प्रभावित हो मैने तय किया कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दल की ही सदस्यता लूँगा और वर्ष 2001 मे मैने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जिसमे कांग्रेस छोड़कर कल्पना पारुलकर जी ने जॉइन कर ली थी राष्ट्रवादी कांग्रेस के चंबल ग्वालियर के लगभग 100 से अधिक पदाधिकारी गण श्रीसिंधिया जी से प्रभावित हो वर्ष 2002 में कांग्रेस मे शामिल हो गये इन 100 पदाधिकारीयों मे मलखानसिंह ने भी श्रीसिंधिया जी के समक्ष कांग्रेस जॉइन में कांग्रेस जॉइन कर ली वर्ष 2004 मे मलखानसिंह भदौरिया जिला युवक कांग्रेस भिण्ड की कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष रहे फिर वर्ष 2006 में जिला कांग्रेस ग्रामीण में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में अटेर से निर्वाचित हुए पूर्व मंत्री श्री सत्यदेव कटारे जी ने मलखानसिंह को विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया वर्ष 2016 में मलखानसिंह को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेवा इकाई मैं भिण्ड-दतिया जिले का समन्वयक नियुक्त किया गया मलखानसिंह की निरंतर सक्रियता के कारण उन्हें वर्ष 2017 में किसान कांग्रेस मप्र का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया

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