लेखक: मलखान सिंह भदौरिया (कांग्रेस नेता, भिंड)
आज देश और समाज ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ युवाओं की भूमिका निर्णायक बन गई है। एक ओर देश की सबसे बड़ी आबादी युवा है, तो दूसरी ओर इन्हीं युवाओं को गुमराह करने की कोशिशें निरंतर तेज हो रही हैं। इस स्थिति में जन जागरण अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का आह्वान है।
जन जागरण का उद्देश्य
जन जागरण अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को सचेत करना, उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक चेतना का स्रोत है। जब जनता जागेगी, तभी व्यवस्था बदलेगी।
युवाओं के हितों की प्राथमिकता
मेरा मानना है कि किसी भी राष्ट्र की रीढ़ उसकी युवा पीढ़ी होती है। यदि हम युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता नहीं देते, तो हम भविष्य की बुनियाद को खोखला कर रहे हैं। जन जागरण अभियान के अंतर्गत मैं निरंतर प्रयासरत हूं कि—
हर युवा को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिले, चाहे वह शहर में हो या गांव में।
रोजगार के नए अवसर पैदा हों, ताकि प्रतिभा पलायन न हो।
खेल, स्टार्टअप, और कृषि क्षेत्र में युवाओं को प्रेरणा और संसाधन मिलें।
ड्रग्स, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव और कट्टरता से दूर रहकर युवा राष्ट्र निर्माण में जुटें।
युवा शक्ति ही परिवर्तन की कुंजी है
इतिहास गवाह है कि जब-जब युवाओं ने जागरूक होकर संगठित रूप में आवाज उठाई है, तब-तब व्यवस्था ने करवट ली है। इसलिए मेरा आग्रह है कि युवा सिर्फ विरोध का हिस्सा न बनें, बल्कि समाधान का भी माध्यम बनें।
राजनीति को सेवा का माध्यम बनाएं
मैंने स्वयं राजनीति को कभी सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का रास्ता माना है। मेरे जन जागरण अभियान का हर कदम युवाओं के भविष्य की चिंता से प्रेरित है। मेरा स्पष्ट मानना है कि जब तक गांव का युवा आत्मनिर्भर नहीं होगा, तब तक देश आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।
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निष्कर्ष:
जन जागरण सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है – जागो, जानो और बदलो! आइए, हम सब मिलकर इस संकल्प को साकार करें। युवाओं की शक्ति, समझ और साहस से एक नया, समृद्ध और समरस भारत बनाएं।
- मलखान सिंह भदौरिया
(प्रदेश उपाध्यक्ष, मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस)