युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी: एक खतरनाक संकेत कांग्रेस नेता मलखानसिंह भदौरिया ने एक प्रेस वार्ता में कहा भारत का सबसे मजबूत स्तंभ है उसका युवा वर्ग। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई यह है कि आज वही युवा **बेरोजगारी** के सबसे बड़े संकट से जूझ रहा है। डिग्रियाँ होने के बावजूद नौकरी नहीं, मेहनत के बाद भी अवसर नहीं — यह कैसा विकास है?
सरकारी नौकरियों में भर्तियाँ रुक गई हैं, और जो निकलती भी हैं उनमें पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बार-बार की तारीख़ें युवाओं के भविष्य को अंधेरे में डाल रही हैं।
**बैरोजगारी के प्रमुख कारण:**
- सरकारी नियुक्तियों में देरी
- शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल की कमी
- निजी क्षेत्र में न्यूनतम वेतन और अनुबंध आधारित काम
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर ना के बराबर
**सरकार से अपेक्षाएँ:**
- नई भर्तियाँ समय पर निकाली जाएँ
- रोजगार मेले और स्किल ट्रेनिंग को गाँव-शहर तक पहुँचाया जाए
- MSME और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिले
यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, यह सवाल है एक पूरी पीढ़ी के भविष्य का। अगर आज आवाज़ नहीं उठी, तो कल की चुप्पी हमारे बच्चों के सपनों को निगल जाएगी।
✍️ _मलखान सिंह भदौरिया_
महासचिव, मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस